सहरसा टाईम्स - Saharsa Times

जनविरोधी खनन एवं परिवहन नीति के विरोध में कांग्रेस का धरना

राजा कुमार की रिपोर्ट— –सहरसा मुख्यालय स्तिथ संजय पार्क के निकट दिया एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं कहा कि बिहार सरकार की मौजूदा खनन नीति ने आम जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बालू के खदान से उठाएं एवं उपभोक्ता तक इसे पहुंचाने की जो नीति तय की गई ना सिर्फ अत्यंत ही अव्यवहारिक है।व्यवसायियों परिवहन मालिकों और आम उपभोक्ताओं का भयंकर शोषण।

सरकार द्वारा खदान से बालू के उठाव की दर रुपिया 900 प्रति सीएफ टी की है, और उपभोक्ताओं को 2400 रुपया प्रति सीएफटी देने का वादा किया गया है था।बालू तकरीबन ₹95 00 रुपये प्रति सी एफ टी उपभोक्ता लेने पर मजबूर हैं ।लेकिन जो इस खनन नीति से पहले 3500 से 4000 तक मिलता था ।खादान पर लगने वाला चालान और रास्ते का डीलर ड्राइवर और खलासी आदि। साथ ही परिवहन मालिकों को पुलिस को तकरीबन 250 किलोमीटर के रास्ते में खुश करना पड़ता है। बालू ढुलाई करने वाले परिवहनों में GPS की अन्य वार्ता की वजह से वाहन मालिकों का भयानक शोषण हो रहा है। सामान्य GPS की कीमत खुले बाजार में 5000 है ।जिसका दर सरकार ने 15000 तय कर रखा है। सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी के द्वारा वाहन मालिक ले सकते हैं ।एजेंसी उसे 30000 के आसपास कालाबाजारी में बेच रही है। ऐसी सूचना मिली है लगता है कि सरकार इस सुबह में व्यापक और रोजगार को शून्य पर पहुंच जाकर ही दम लेगी ।नई खादान नीति के तहत मिट्टी को खनिज की श्रेणी में लाना अनैतिक और अन्याय पूर्ण है।

आज किसान अपना घर दुरुस्त करने के लिए भी मिट्टी करता है। पुलिस द्वारा पकड़ कर मन माना जुर्माना वसूल करती है। खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव तुगलकी फरमान जारी करते हैं कम से कम 25 से 3000 गिरफ्तारियां होनी चाहिए। अधिक से अधिक जुर्माना वसूला जाए 31 एक 2018 को संपन्न विभागीय समीक्षात्मक बैठक की कार्यवाही ऐसी मानसिकता को दर्शाती है। जैसे अंग्रेजों का शासन काल हो हैरत अंग्रेज है। सहरसा जिले में बालू भंडारण के लिए 57 व्यवसायियों को 31 जनवरी 2018 को लाइसेंस जारी किया जाता है ,और उसे 7 फरवरी 2018 को विभाग निरस्त कर देती है। इसमें व्यवसायियों की भी राय अनिवार्य रूप से लिया जाए।इसमें वयवसायोयो को वैध तरीके से 5000 ही लगा परंतु खुली जानकारी की बात है। लाइसेंस प्राप्त करने में व्यवसाइयों को तकरीबन ₹75000 खर्च करने पड़े भरष्टाचार का यह आलम चिंताजनक। मौके पर शामिल अध्यक्ष दिव्यानंद मिश्रा, जिला अध्यक्ष केसर कुमार ,महेंद्र कुमार त्यागी चमक, लाल यादव, कुमोद कुमार सिंह ,सरफराज अहमद, अशोक सिंह आदि लोग शामिल थे।

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